Aaradhana (hindi poetry)

आराधना

Nonfiction, Reference & Language, Foreign Languages, Indic & South Asian Languages, Fiction & Literature, Poetry, Inspirational & Religious
Cover of the book Aaradhana (hindi poetry) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला', Bhartiya Sahitya Inc.
View on Amazon View on AbeBooks View on Kobo View on B.Depository View on eBay View on Walmart
Author: Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' ISBN: 9781613010112
Publisher: Bhartiya Sahitya Inc. Publication: July 20, 2014
Imprint: Language: Hindi
Author: Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
ISBN: 9781613010112
Publisher: Bhartiya Sahitya Inc.
Publication: July 20, 2014
Imprint:
Language: Hindi
आराधना के गीत निराला-काव्य के तीसरे चरण में रचे गए हैं, उनके इस चरण के धार्मिक काव्य की विशेषता यह है कि वह हमें उद्विग्न करता है, आध्यात्मिक शांति निराला को कभी मिली भी नहीं, क्योंकि इस लोक से उन्होंने कभी मुँह नहीं मोड़ा बल्कि इस लोक को अभाव और पीड़ा से मुक्त करने वे कभी सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों की ओर देखते रहे और कभी ईश्वर की ओर। उनकी यह व्यकुलता ही उनके काव्य सबसे बड़ी शक्ति है। दुख हर दे, जल-शीतल सर दे! वरदे! पावन उर को कर दे! शून्य कोष ओसों से भर दे, तरु को रश्मी, पत्र-मर्मर दे, मौन तूलि को मूर्ति मुखर दे, पग-पग को जग के तग तर दे! पारण को गोधूम-चूर्ण, घृत, सुरभि सुचारण को सौरभ-सृत, निर्धारण को नाम अलंकृत, मारण को कलि-कल्मष, वर दे!
View on Amazon View on AbeBooks View on Kobo View on B.Depository View on eBay View on Walmart
आराधना के गीत निराला-काव्य के तीसरे चरण में रचे गए हैं, उनके इस चरण के धार्मिक काव्य की विशेषता यह है कि वह हमें उद्विग्न करता है, आध्यात्मिक शांति निराला को कभी मिली भी नहीं, क्योंकि इस लोक से उन्होंने कभी मुँह नहीं मोड़ा बल्कि इस लोक को अभाव और पीड़ा से मुक्त करने वे कभी सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों की ओर देखते रहे और कभी ईश्वर की ओर। उनकी यह व्यकुलता ही उनके काव्य सबसे बड़ी शक्ति है। दुख हर दे, जल-शीतल सर दे! वरदे! पावन उर को कर दे! शून्य कोष ओसों से भर दे, तरु को रश्मी, पत्र-मर्मर दे, मौन तूलि को मूर्ति मुखर दे, पग-पग को जग के तग तर दे! पारण को गोधूम-चूर्ण, घृत, सुरभि सुचारण को सौरभ-सृत, निर्धारण को नाम अलंकृत, मारण को कलि-कल्मष, वर दे!

More books from Bhartiya Sahitya Inc.

Cover of the book Hanuman Baahuk (Hindi Prayer) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Hindi Ki Adarsh Kahaniyan(Hindi Stories) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Krodh (Hindi Religious) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Karm Aur Uska Rahasya (Hindi Self-help) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Goswami Tulsidas(Hindi Epic) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Shrikant (Hindi Novel) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Do Bhadra Purush (Hindi Novel) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Premchand Ki Kahaniyan-13 by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Ravi Kahani (Hindi Biography) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Chandrakanta Santati-1 by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Sachcha Guru Kaun? (Hindi Self-help) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Sambhavami Yuge Yuge-1 (Hindi Novel) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Lobh, Daan Va Dayaa (Hindi Rligious) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Meri Kahaniyan-Mamta Kaliya (Hindi Stories) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Cover of the book Sangram (Hindi Drama) by Suryakant Tripathi 'Nirala', सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
We use our own "cookies" and third party cookies to improve services and to see statistical information. By using this website, you agree to our Privacy Policy